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शिला सिंदूर 4 गà¥à¤°à¤¾à¤®, पà¥à¤°à¤à¤¾à¤² पिषà¥à¤Ÿà¥€ 10 गà¥à¤°à¤¾à¤® के साथ मोती और गिलोय मिलाकर सात पूड़िया बना लें। इसे सà¥à¤¬à¤¹-शाम खिलाà¤à¤‚। इससे 99 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक गांठसे निजात मिल जाता है। à¤à¤• से 3 माह में लाठमिल जाता है
शरीर में किसी à¤à¥€ तरह का है गांठया फोड़ा-फà¥à¤‚सी तो सबका यही है à¤à¤• रामबाण उपाय
शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में उठने वाली कोई à¤à¥€ गठान या रसौली à¤à¤• असामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ है जिसे गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लेना आवशà¥à¤¯à¤• है। इस तरह की गांठपस या टीबी से लेकर कैंसर तक किसी à¤à¥€ बीमारी की सूचक हो सकती हैं। गठान अथवा ठीक नहीं होने वाला छाला व असामानà¥à¤¯ आंतरिक या बाहà¥à¤¯ रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ कैंसर के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। ज़रूरी नहीं कि शरीर में उठने वाली हर गठान कैंसर ही हो। अधिकांशतः कैंसर रहित गठानें किसी उपचार योगà¥à¤¯ साधारण बीमारी की वजह से ही होती हैं लेकिन फिर à¤à¥€ इस बारे में सावधानी बरतनी चाहिà¤à¥¤
इस पà¥à¤°à¤•ार की किसी à¤à¥€ गठान की जाà¤à¤š अतà¥à¤¯à¤‚त आवशà¥à¤¯à¤• है ताकि समय रहते निदान और इलाज शà¥à¤°à¥‚ हो सके।आपके शरीर मे कहीं पर à¤à¥€ किसी à¤à¥€ किसà¥à¤® की गांठहो।
उसके लिठहै ये चिकितà¥à¤¸à¤¾ चाहे किसी à¤à¥€ कारण से हो सफल जरूर होती है कैंसर मे à¤à¥€ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• है।
1. कचनार की छाल
2. गोरखमà¥à¤‚डी
वैसे यह दोनों जड़ी बूटी बेचने वाले से मिल जाती हैं पर यदि कचनार की छाल ताजी ले तो अधिक लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• है। कचनार (Bauhinia purpurea) का पेड़ हर जगह आसानी से मिल जाता है। इसकी सबसे बड़ी पहचान है - सिरे पर से काटा हà¥à¤† पतà¥à¤¤à¤¾ । इसकी शाखा की छाल ले। तने की न ले। उस शाखा (टहनी) की छाल ले जो 1 इंच से 2 इंच तक मोटी हो । बहà¥à¤¤ पतली या मोटी टहनी की छाल न ले। गोरखमà¥à¤‚डी का पौधा आसानी से नहीं मिलता इसलिठइसे जड़ी बूटी बेचने वाले से खरीदे ।
कैसे पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करे
कचनार की ताजी छाल 25-30 गà¥à¤°à¤¾à¤® (सà¥à¤–ी छाल 15 गà¥à¤°à¤¾à¤® ) को मोटा मोटा कूट ले। 1 गिलास पानी मे उबाले। जब 2 मिनट उबल जाठतब इसमे 1 चमà¥à¤®à¤š गोरखमà¥à¤‚डी (मोटी कà¥à¤Ÿà¥€ या पीसी हà¥à¤ˆ ) डाले। इसे 1 मिनट तक उबलने दे। छान ले। हलà¥à¤•ा गरम रह जाठतब पी ले। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दे यह कड़वा है परंतॠचमतà¥à¤•ारी है। गांठकैसी ही हो, पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ बà¥à¥€ हà¥à¤ˆ हो, जांघ के पास की गांठहो, काà¤à¤– की गांठहो गले के बाहर की गांठहो , गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की गांठहो, सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¥à¤· के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹ मे गांठहो या टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² हो, गले मे थायराइड गà¥à¤²à¥ˆà¤£à¥à¤¡ बॠगई हो (Goiter) या LIPOMA (फैट की गांठ) हो लाठजरूर करती है। कà¤à¥€ à¤à¥€ असफल नहीं होती। अधिक लाठके लिठदिन मे 2 बार ले। लंबे समय तक लेने से ही लाठहोगा। 20-25 दिन तक कोई लाठनहीं होगा निराश होकर बीच मे न छोड़े।
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